समाजसेवा की प्रेरणास्रोत बनीं क्षमा सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव के करकमलों से हुआ भव्य सम्मान
शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्थान में उल्लेखनीय योगदान को मिला राज्यस्तरीय सम्मान

बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ की सक्रिय और समर्पित समाजसेवी श्रीमती क्षमा सिंह को उनके बहुआयामी सामाजिक कार्यों के लिए राज्यस्तरीय सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के करकमलों से एक गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में उनके द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की व्यापक सराहना हो रही है।
श्रीमती क्षमा सिंह को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, विशेष बच्चों के सशक्तिकरण, महिला उत्थान, पर्यावरण एवं नदी संरक्षण, तथा समाज के वंचित वर्गों के लिए सतत सेवा कार्यों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया। वर्षों से वे समाजसेवा को केवल दायित्व नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य मानकर कार्य कर रही हैं।
विशेष बच्चों की शिक्षा में अनुकरणीय पहल
श्रीमती क्षमा सिंह, अपने पति श्री देवेश सिंह के साथ किड्स फन क्लब बैक टू फन स्कूल एवं ब्लॉसम स्पेशल किड्स स्कूल से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। इन संस्थानों के माध्यम से वे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा, मानसिक विकास और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनका यह कार्य समाज में समावेशी शिक्षा की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण बन चुका है।
शैक्षणिक व बौद्धिक योगदान
वे रोटरी लीडरशिप इंस्टीट्यूट की स्नातक (वर्ष 2021) हैं तथा अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद की राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी “विकलांग विमर्श – अस्तित्व का संघर्ष” में सक्रिय सहभागिता निभा चुकी हैं। इन मंचों के माध्यम से उन्होंने दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सामने रखने का कार्य किया है।
सामाजिक संगठनों में सशक्त नेतृत्व
श्रीमती क्षमा सिंह वर्तमान में विक्की छत्तीसगढ़ जेल्स रिफॉर्म काउंसिल की राज्य अध्यक्ष हैं, जहां वे बंदियों के पुनर्वास और सुधार की दिशा में कार्य कर रही हैं।
इसके अतिरिक्त वे:
रोटरी क्लब ऑफ बिलासपुर क्वींस की चार्टर सदस्य एवं पूर्व कोषाध्यक्ष (2018)
लायंस क्लब बिलासपुर संकल्प की चार्टर सदस्य एवं अध्यक्ष
वंदे मातरम् मित्र मंडल, बिलासपुर की कोर सदस्य
ऑल लेडीज लीग की कोर सदस्य
रॉयल राजपूत संगठन की संभाग अध्यक्ष
के रूप में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और सेवा गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
शिक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण में दीर्घकालिक योगदान
श्रीमती क्षमा सिंह ने वर्ष 1996 से 1999 तक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में उत्तर साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा के प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दिया।
साथ ही, उन्होंने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय की नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर पर्यावरण संरक्षण एवं नदी स्वच्छता के क्षेत्र में भी सक्रिय सहभागिता निभाई है।
समाज के लिए प्रेरणा
राज्यस्तरीय सम्मान प्राप्त होने पर समाज के विभिन्न वर्गों, सामाजिक संगठनों एवं शिक्षाविदों ने श्रीमती क्षमा सिंह को बधाई देते हुए उनके कार्यों को प्रेरणास्रोत बताया। उनका जीवन और कार्य यह संदेश देता है कि निरंतर प्रयास, संवेदनशीलता और सेवा भावना से समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
श्रीमती क्षमा सिंह का यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन भी है।








