उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम: जिले में महापरीक्षा सफल, हर उम्र के शिक्षार्थियों में उमड़ा उत्साह
महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक: अधिकारियों ने कई परीक्षा केन्द्रों का किया औचक निरीक्षण

जांजगीर-चांपा।
जिले में शिक्षा के नए आयाम लिखते हुए ‘‘उल्लास’’ नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार, 7 दिसम्बर 2025 को राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा (FLNAT) का सफल आयोजन किया गया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे के मार्गदर्शन तथा डीईओ अशोक सिन्हा के नेतृत्व में हुए इस महाअभियान ने समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता को नए सिरे से सिद्ध किया।
11,341 शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा, महिलाओं की भागीदारी रही सबसे अधिक
जिले के 427 परीक्षा केन्द्रों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित हुई। अपनी सुविधा के अनुसार लोग पूरे दिन परीक्षा देने पहुँचे।
कुल 11,341 शिक्षार्थी—जिनमें 9300 से अधिक महिलाएँ और 2030 पुरुष शामिल रहे—महापरीक्षा में उपस्थित हुए। महिलाओं की भारी भागीदारी कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही, जो यह दर्शाती है कि शिक्षा के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि वे वर्षों से पढ़ाई का अवसर खोज रही थीं। ‘‘अब हम अपने दैनिक कामों में आत्मनिर्भर बन सकेंगे,’’ कई प्रतिभागियों ने परीक्षा केन्द्रों पर बताया।
टीमें मैदान में उतरीं, कई परीक्षा केन्द्रों का औचक निरीक्षण
जिला परियोजना अधिकारी विजया सिंह राठौर के नेतृत्व में बलौदा व नवागढ़ विकासखंड के केंद्रों—करमंदी, जर्वेच, सरखो, मड़वा, खोखसा, बैजलपुर, पहरिया, सरई श्रृंगार, तेन्दुभांठा, तिलई, कन्हाईबंध सहित अन्य ग्रामों—का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान शिक्षार्थियों ने अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि वे इस अवसर का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। पढ़ना-लिखना सीखकर जीवन को सरल और आत्मनिर्भर बनाने की उनकी उम्मीदें परीक्षा केन्द्रों में साफ दिखाई दीं।
सहायक संचालक की टीम ने भी किया निरीक्षण, ग्रामीण महिलाओं का उत्साह बरकरार
संयुक्त संचालक कार्यालय बिलासपुर के सहायक संचालक जे.पी. शास्त्री और जिला मिशन समन्वयक हरिराम जायसवाल की टीम ने बम्हनीडीह और नवागढ़ क्षेत्र के कई केन्द्रों का निरीक्षण किया।
प्राथमिक शाला बम्हनीडीह, सोनाइडीह, गोविंदा, ठाकुरदिया, पोंडीराछा, गोधना, सलखन आदि केन्द्रों में बड़ी संख्या में महिलाएँ परीक्षार्थी बनकर पहुंचीं। केन्द्राध्यक्षों ने बताया कि ‘‘शिक्षार्थियों के चेहरे पर पढ़ने का अवसर मिलने की खुशी साफ झलक रही थी।’’
उम्रदराज प्रतिभागियों ने बढ़ाया कार्यक्रम का मान
सोंठी के आदर्श परीक्षा केन्द्र में भी उत्साह देखने योग्य था। यहाँ धनबाई गोंड़, सुंदर बाई सूर्यवंशी, यशोदा श्रीवास, रमशिला पटेल, जमुना बाई पटेल, सरोज बाई यादव, कमला बाई यादव सहित कई बुजुर्ग महिलाओं ने परीक्षा में भाग ले सभी को प्रेरित किया।
इनमें से कई ने बताया कि उम्र ढलने के बावजूद सीखने की ललक कम नहीं हुई है। ‘‘हमें अब अवसर मिला है, इसलिए हम खुश हैं और आगे भी पढ़ते रहना चाहते हैं,’’ उन्होंने कहा।
आत्मनिर्भर समाज की ओर मजबूत कदम
जिले में आयोजित यह महापरीक्षा शिक्षा का उत्सव ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि—
‘‘शिक्षा की राह में उम्र कोई बाधा नहीं… संकल्प हो तो हर उम्र सीखने की उम्र है।’
जिला प्रशासन ने कार्यक्रम के सफल संचालन पर सभी सहयोगी संस्थाओं, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और परीक्षार्थियों को धन्यवाद दिया और भविष्य में भी साक्षरता अभियान को और व्यापक बनाने की बात कही।








