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पीएम श्री स्कूल लखुर्री का समग्र शिक्षा अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण

संगीत शिक्षा की सराहना

लखुर्री। समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पीएमश्री स्कूल लखुर्री में औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्थाओं एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान कक्षा-कक्षों में अध्यापन की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण पद्धति तथा विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और अनुशासन की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

निरीक्षण दल ने विद्यालय में संचालित विभिन्न गतिविधियों का जायजा लेते हुए बच्चों से संवाद भी किया। इस दौरान संगीत कक्षा में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और ताल-लय के साथ प्रस्तुत की गई समूह प्रस्तुति ने अधिकारियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति एवं प्रेरणादायी गीतों में आत्मविश्वास और सामूहिक समन्वय स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

एपीसी हेमलता शर्मा ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि संगीत शिक्षा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि यह बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि कला शिक्षा से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और टीमवर्क की भावना विकसित होती है। उन्होंने संगीत शिक्षिका के समर्पण एवं नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धति की प्रशंसा करते हुए अन्य शिक्षकों को भी इसी प्रकार रचनात्मक वातावरण तैयार करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वे सह-शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ नियमित अध्ययन पर भी समान रूप से ध्यान दें।


निरीक्षण के दौरान डीएमसी हरिराम जायसवाल, एपीसी दिनेश सोनवान एवं एपीसी हेमलता शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यालय में पठन-पाठन की प्रगति, उपलब्ध संसाधनों के उपयोग तथा शैक्षणिक परिणामों की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता सुधार के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए। उन्होंने शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप नवाचार अपनाने, डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा विद्यार्थियों की व्यक्तिगत प्रगति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।


विद्यालय परिवार ने अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए विश्वास दिलाया कि पीएमश्री स्कूल के मानकों के अनुरूप उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यालय का लक्ष्य केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देना है।

औचक निरीक्षण के पश्चात अधिकारियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार अनुशासित एवं प्रेरणादायी वातावरण बनाए रखने की अपेक्षा की।


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