अकलतरा में पानी के लिए हाहाकार : आधी रात सड़कों पर उतरी जनता, विभिन्न वार्डों में धरने शुरू
शास्त्री चौक से अंबेडकर चौक तक फूटा जनाक्रोश, एसडीएम और सीएमओ से जवाब मांग रहे जनप्रतिनिधि

अकलतरा, जांजगीर-चांपा।
जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा नगर पालिका परिषद क्षेत्र में पेयजल संकट अब जनआक्रोश का रूप लेता जा रहा है। नगर के अनेक वार्डों में पानी की गंभीर समस्या के कारण हालात इतने बिगड़ गए हैं कि लोग पूरी रात जागकर पानी की व्यवस्था करने के लिए मजबूर हैं। लगातार बिगड़ती स्थिति के बीच अब जनता का धैर्य जवाब देने लगा है और आधी रात से ही नगर के विभिन्न मोहल्लों और चौक-चौराहों पर विरोध-प्रदर्शन और धरने शुरू हो गए हैं।
नगरवासियों का आरोप है कि कई वार्डों में कई दिनों से नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। लोग रातभर नलों में पानी आने का इंतजार करते हैं, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिलने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को लेकर अब नगर में व्यापक जनाक्रोश देखने को मिल रहा है।
शास्त्री चौक पर भाजपा पार्षद मोनू नामदेव समर्थकों के साथ धरने पर
नगर के हृदय स्थल शास्त्री चौक में भाजपा पार्षद मोनू नामदेव अपने समर्थकों और क्षेत्रवासियों के साथ पेयजल संकट के विरोध में धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना नगर पालिका और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की है।
अंबेडकर चौक पर वार्डवासियों का प्रदर्शन
वहीं, अंबेडकर चौक में भी बड़ी संख्या में वार्डवासी पानी की समस्या को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। लोगों का कहना है कि जब तक नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की जाती और समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
नगर के विभिन्न वार्डों में आधी रात से धरने
पेयजल संकट से नाराज नागरिक नगर के अलग-अलग वार्डों में भी आधी रात से धरने पर बैठ गए हैं। कई स्थानों पर लोग खाली बर्तन और बाल्टियां लेकर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और मांगों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है, जिससे लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय पत्रकारों, कांग्रेस पार्षदों और जनप्रतिनिधियों ने मांगा जवाब
इस मामले को लेकर स्थानीय पत्रकारों, कांग्रेस के कई पार्षदों तथा नगर के अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अकलतरा (एसडीएम) और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से जनता के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करने और जवाब देने की मांग की है। उनका कहना है कि जब पूरी रात नागरिक पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब जिम्मेदार अधिकारियों को भी जनता के प्रति अपनी जवाबदेही निभानी चाहिए। बतादें की नगर में पानी की समस्या को लेकर नगर के विभिन्न पार्षदगण जिसमें राज कुमार सिंह, दारा मिश्रा, विजय खांडेल सहित कई वार्ड के जनप्रतिनिधि जनता के समस्या समाधान के लिए जी जान लगा रहे हैं।
पानी के संकट ने लिया जनआंदोलन का रूप
अकलतरा में पेयजल संकट अब केवल एक प्रशासनिक समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह जनआंदोलन का स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है। रात के अंधेरे में खाली बर्तनों के साथ धरने पर बैठी जनता एक ही सवाल पूछ रही है—"आखिर कब मिलेगी पानी की समस्या से मुक्ति और जनता को कब मिलेगा जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब?"
यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप धारण कर सकता है।








